12 लाख तक Income टैक्स फ्री, फिर 4 से 8 लाख पर 5%, 8 से 12 लाख पर 10% Tax क्यों? करें कन्फ्यूजन दूर – India TV Hindi

12 लाख तक Income टैक्स फ्री, फिर 4 से 8 लाख पर 5%, 8 से 12 लाख पर 10% Tax क्यों? करें कन्फ्यूजन दूर – India TV Hindi

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Income Tax

Photo:INDIA TV इनकम टैक्स

देश के लाखों टैक्स पेयर्स को आज वित्त मंत्री ने बड़ा तोहफा दिया है। वित्त मंत्री ने न्यू टैक्स रिजीम के तहत इनकम टैक्स छूट की सीमा को 12 लाख रुपये करने का ऐलान किया है। यानी जिन लोगों की आय सालाना आय 12 लाख रुपये होगी, उनको जीरो टैक्स देना होगा। वहीं, नौकरीपेशा लोगों के लिए 75 हजार रुपये के स्टैंडर्ड डिक्शन का भी ऐलान किया गया है। यानी नौकरीपेशा वाले लोगों की सालाना आय 12.75 लाख होने पर कोई टैक्स नहीं देना होगा। हालांकि, न्यू ​टैक्स रिजीम में 0 से 4 लाख लाख तक पर जीरो टैक्स है। उसके बाद 4 से 8 लाख पर 5% और 8 से 12 लाख पर 10% का स्लैब दिया गया है। अगर आप भी इस टैक्स स्लैब को लेकर कन्फ्यूज हैं तो चलिए आपका कन्फ्यूजन दूर करते हैं। 

समझें टैक्स स्लैब का पूरा गणित 

कर सलाहकार और सीए कैलाश गोदुका ने इंडिया टीवी को बताया कि अभी तक न्यू ​टैक्स रिजीम में बेसिक टैक्स एक्सेम्पशन लिमिट 3 लाख रुपये है। वहीं, इनकम टैक्स रिबेट लिमिट 7 लाख रुपये। अभी भी 3 लाख से 7 लाख के इनकम पर 5% की दर से टैक्स लगता है, लेकिन सरकार उसे 87A के तहत माफ कर देती है। इसलिए 7 लाख रुपये तक की इनकम टैक्स फ्री हो जाती है। 

अब सरकार ने बदलाव किया है। सरकार ने बेसिक टैक्स एक्सेम्पशन लिमिट बढ़ाकर 4 लाख रुपये कर दिया है। वहीं, 4 लाख से 8 लाख रुपये की सालाना इनकम पर 5% और 8 लाख से 12 लाख के इनकम पर 10% की दर से टैक्स लगाया है। इस तरह 12 लाख के इनकम पर कुल 60 हजार रुपये टैक्स बनेगा। 

इसे ऐसे समझते हैं








सालाना इनकम टैक्स दर 

कुल टैक्स

0 से 4 लाख रुपये  0%   0 रुपये
4 से 8 लाख रुपये 5% 20000 रुपये
8 से 12 लाख रुपये 10% 40000 रुपये
    कुल टैक्स: 60 हजार रुपये 

87ए के तहत छूट में वृद्धि कर राहत दी जाएगी

अब सरकार ने 12 लाख रुपये तक इनकम फ्री करने का फैसला किया है। इसके बाद आकलन वर्ष 2026-27 से धारा 87ए के तहत छूट में इस प्रकार वृद्धि की जाएगी। इसके तहत अधिकतम छूट 25,000 रुपये से बढ़कर 60,000 रुपये हो जाएगी। इस तरह 12 लाख रुपये तक की आय बिल्कुल फ्री हो जाएगी। हालांकि, यह छूट कैपिटल गेन जैसी विशेष श्रेणी की आय पर लागू नहीं होगी।

12 लाख से 1 रुपये अधिक तो देना होगा टैक्स 

धारा 87A के तहत छूट का मतलब है कि अगर आपकी शुद्ध कर योग्य आय 12 लाख रुपये तक है, तो आपको कर लाभ मिलेगा जो प्रभावी रूप से आपकी कर देयता को शून्य कर देता है। हालांकि, 1 रुपये की आय बढ़ने पर आपको टैक्स देना होगा। 

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