पत्नी के साथ ली सेल्फी और गेम खल्लास, जानें नक्सलियों के सरदार चलपति की पूरी कहानी – India TV Hindi

पत्नी के साथ ली सेल्फी और गेम खल्लास, जानें नक्सलियों के सरदार चलपति की पूरी कहानी – India TV Hindi

[ad_1]

naxali chalapathi

Image Source : SOCIAL MEDIA
एनकाउंटर में मारा गया नक्सली चलपति

दशकों तक 1 करोड़ का इनामी माओवादी नेता पुलिस की गिरफ्त से बचता रहा लेकिन अब पत्नी के कारण उसे अपनी जान से हाथ धोना पड़ा। भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी) के शीर्ष सात सदस्यों में शामिल चलपति हमेशा हर कदम पर सावधानी बरतता था, लेकिन पत्नी के साथ उसकी एक सेल्फी ने सुरक्षा बलों को उस तक पहुंचा दिया। ओडिशा-छत्तीसगढ़ सीमा पर एक अभियान के दौरान चलपति के नाम से पहचाने जाने वाला रामचंद्र रेड्डी भी अपने 13 साथियों के साथ मारा गया।

2008 में नयागढ़ हमले का मास्टरमाइंड

चलपति ने 2008 में ओडिशा के नयागढ़ जिले में माओवादी हमले का नेतृत्व किया था, जिसमें 13 सुरक्षाकर्मी मारे गए थे। नक्सल विरोधी अभियान में शामिल एक वरिष्ठ अधिकारी ने बुधवार को बताया, ‘‘15 फरवरी 2008 के हमले की साजिश शीर्ष माओवादी नेता रामकृष्ण ने रची थी, लेकिन इसे अंजाम चलपति ने दिया था।’’ रामकृष्ण की मौत हो चुकी है। अधिकारी ने बताया कि चलपति ने ही पुलिस के हथियारों की लूटपाट के बाद माओवादियों को नयागढ़ से सफलतापूर्वक भागने में मदद की थी।

घुटनों की समस्या के कारण ज्यादा चल-फिर नहीं पाता था चलपति

चलपति के नाम से मशहूर रामचंद्र रेड्डी आंध्र प्रदेश के चित्तूर जिले का रहने वाला था। वह मुख्य रूप से छत्तीसगढ़ और ओडिशा में सक्रिय था। आंध्र प्रदेश में अब माओवादी गतिविधियां समाप्त हो चुकी हैं। 60 वर्षीय माओवादी पिछले कुछ साल से छत्तीसगढ़ के बस्तर जिले के दरभा में रह रहा था। घुटनों की समस्या के कारण वह अधिक यात्रा नहीं कर सकता था। चलपति अपने शुरुआती वर्षों में कई दक्षिणी राज्यों में उत्पात मचा रहे प्रतिबंधित पीपुल्स वार ग्रुप (PWG) में शामिल हो गया था।

जंगलों में रहने के दौरान अरुणा से हुई दोस्ती

स्कूल नहीं जाने के बाद भी वह तेलुगु, हिंदी, अंग्रेजी और उड़िया भाषाओं में पारंगत था। जंगलों में रहने के दौरान चलपति की दोस्ती आंध्र-ओडिशा बॉर्डर स्पेशल जोनल कमेटी (एओबीएसजेडसी) की ‘डिप्टी कमांडर’ अरुणा उर्फ ​​चैतन्या वेंकट रवि से हुई और फिर चलपति ने उससे शादी कर ली। चलपति सुरक्षा एजेंसियों की पकड़ से दूर था, लेकिन अरुणा के साथ ली गई एक सेल्फी से उसकी पहचान हो गई और उस पर एक करोड़ रुपये का इनाम घोषित कर दिया गया।

2016 में बरामद हुए स्मार्टफोन में मिली थी सेल्फी

अधिकारियों ने बताया कि इस कपल की यह सेल्फी उस स्मार्टफोन में मिली थी, जिसे मई 2016 में आंध्र प्रदेश में माओवादियों और सुरक्षा बलों के बीच मुठभेड़ के बाद बरामद किया गया था। पुलिस ने बताया कि छत्तीसगढ़-ओडिशा सीमा पर सुरक्षा बलों के साथ मुठभेड़ में चलपति समेत 14 माओवादी मारे गए। उन्होंने बताया कि इनमें से दो को सोमवार सुबह मार गिराया गया। सोमवार देर रात एक और मुठभेड़ में 12 और माओवादी मारे गए। (भाषा इनपुट्स के साथ)

यह भी पढ़ें-

खौफनाक वारदात: प्रेग्नेंट पत्नी के पेट पर बैठकर घोंटा गला, गर्भ से बाहर आ गया 7 महीने का भ्रूण

पिता ने मां को मारा तो बेटे ने कर दी हत्या, लाश फेंकने के लिए दोस्त को बुलाया; फिर कर दिया सरेंडर, जानें वजह



[ad_2]

Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Skip to content